Search This Blog

Monday, October 19, 2015

हाल अपना ठीक है



हाल अपना ठीक है -

हाल अपना ठीक है 
पोखरण पे मतभेद है 
देहरी मैं मनभेद है 
महँगाई का खेद है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

नमक बिना दाल है 
माछ बिना बंगाल है 
प्याज बिना तरकारी है 
नाही कुछ दरकारी है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

बिना चरित मिनिस्टर है 
बिना गणित एस्ट्रोलोजर है
बिना टाई ऑफिसर है 
बिना वेतन टीचर है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

बिना पूछे कवि है 
बिना पूजे रवि है 
छाया ही छवि है 
छवि ही विप्लवी है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

मन में तो डर है 
तन किन्तु निडर है 
अपना ही देश है 
अपने ही लोग है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

कानो में रुई है 
ज़ुबान पे सुई है 
आँखों पे पट्टी है  
धोखे की टट्टी है  
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

अयोधा की हिस्ट्री है
रामसेतू बनी मिस्ट्री है 
कैसे हुई सृष्टि है 
किसकी कुदृष्टि है 
हाल अपना ठीक है 
हरी बोल बोल हरी 

No comments:

Post a Comment