क्या होगा
मेरा, आपका
पूरे देश का
जब / निर्णय लेने वाले
एक दूसरे पर हमला बोलें ?
क्या होगा
जब / व्यवस्था कायम रखने वाले
खुद ही अव्यवस्थित हो जाएं,
जब / नियम बनाने वाले
खुद ही नियमों का पालन न करें,
जब / रक्षा करने वाले
अपनी ही रक्षा के लिए परेशान हो जाये ?
और, क्या होगा
मेरा, आपका
पूरे देश का
जब / महिला सशक्तिकरण,
महिला सम्मान की बात करने वाले
एक महिला की रक्षा न कर सके ?
क्या होगा
जब / सभागार में कुर्सियां चलने से
लहूलुहान हो जाएं महिला ?
सुभाष चन्द्र गांगुली
12/11/1997
_________________
अमृत प्रभात दिनांक 12/11/1997
में प्रकाशित ।
No comments:
Post a Comment